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जीवन क्या है
जीवन क्या है , चलता फिरता एक खिलौना है।
दो आँखों में, एक से हँँसना, एक से रोना है॥
जो जी चाहे, वो मिल जाए, कब ऐसा होता है।
हर जीवन, जीवन जीने का,समझौता होता है॥
अब तक जो, होता आया है, वो ही होना है।
जीवन क्या है , चलता फिरता एक खिलौना है॥
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