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| Atal Bihari Vajpayee |
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| hitesh |
21 January 2011 8:33 pm |
| प्रौद ऑफ़ indian |
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| Divik Ramesh |
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| Pratap Sehgal |
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| Mina Chopda |
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| sanjay sajan |
23 January 2011 7:06 am |
| Nice |
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| Sameer Kabir |
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| Kavita Kiran |
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| acharya dr. p.c. |
7 March 2011 7:26 pm |
| ख्याल करीब से गुजर जाए भले ही , मगर कविता स्पर्श कर जाती है भीतर तक ...बहुत बहुत सुभकामना...गंगानगर आगमन के वक्त बाहर होने का अफ़सोस रहा...रेडियो सबरंग पर सुना, बहुत सुंदर.. |
| basant |
18 September 2010 8:33 am |
| अति सुंदर कविता |
| dipak |
22 August 2010 9:42 pm |
| आइना जुट नहीं बोलता किरणजी आप का भरम गलत हे |
| surendra |
20 August 2010 10:30 am |
| रूप और कला का यह संगम सम्मोहित कर लेता है...! |
| kamal rajput |
18 August 2010 7:29 am |
| किरण जी आप के पोएम्स तो दिलो को छु टी हैं और आप के वोइस के बारे में क्या बोले फिर कोइन इश जादू से बच सकता है |
| neeraj |
18 August 2010 7:25 am |
| बहुत खूब कविता जी आपकी आवाज और अंदाज़ दोनों ही बहुत अच्छा है ...........
http://www.neerajkavi.blogspot.com/ |
| rahul |
18 August 2010 12:23 am |
| आपकी पोएम्स आपकी जितनी ही सुन्दर है , जितनी स्वीट आपकी आवाज़ है उतनी सुन्दर शब्द है |
| SUNDEEP KAPOOR |
17 August 2010 10:21 am |
| Superb Kavitaji all your poems are really Superb -
"मोहब्बत खुद-ब-खुद इक रोज़ दिल का साज़ बन जाती,
अगर दिल की हर इक धड़कन 'कविता किरण' सी बन जाती" |
| ASHOK CHANDNA |
17 August 2010 3:38 am |
| आप की सुंदर कविताये सुन कर बहुत आनंद आया.कविताये और भी दूसरे कविओं की सुनी,वोह भी बहुत सुंदर हैं ,पर आपकी कविता का आप की आवाज़ मैं ,का मुकबाला नहीं.शायद आप की रचनाओं से ज्यादा लगाव है.मेरी शुभकामनाये.वैसे यह भावुक जी कौन साहब हैं.लगता हैः की आप से उनको कुछ अल्लेर्जी है.मेरी उनको भी शुभकामनाये.. |
| Shesh Dhar Tiwari |
17 August 2010 1:15 am |
| आपकी सस्वर प्रस्तुति सुनने के बाद यही कहूँगा की आप एक प्रख्यात कवियित्री होने के साथ साथ एक कुशल गायिका भी हैं. सच में यदि आप थोडा खुले गले से गाने लगें तो छा जाएँगी किरण जी. |
| Premendra Ojha |
17 August 2010 12:10 am |
| Hearttouching |
| kavita'kiran' |
16 August 2010 7:04 pm |
| "बुरा जो देखन में चला बुरा न मिलिया कोय,जो दिल खोजा आपना मुझसा बुरा न कोय'. मुझे आपसे कोई गिला नहीं भावुक जी. क्योंकि 'जाकी रही भावना जैसी,प्रभु मूरत देखि तिन तैसी" आप एक अछे आलोचक हैं. भावुक हैं इसलिए भावुकता में भावुकता में बह गए हैं.पता नहीं क्यों नाराज़ हैं मुझसे.आज़ाद देश में सभी अपनी राय व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र हैं.हर निष्पक्ष टिपण्णी स्वागतेय होती है.चाहे वो आलोचना हो या प्रशंसा.धन्यवाद. |
| ashokkkhatri |
16 August 2010 10:07 am |
| बहुत सुंदर कविताये आज सुनने को मिली धन्यवाद , एक सपना अपना , कभी हमारे शहर मै आये , और शहरवासियो की बीच कविता पाठ सुने . SUKRIYA |
| Mahesh Dhannawat |
16 August 2010 8:41 am |
| कविता की किरण हो अप्प
अप्प ही सा हम बे कवी बन सकता है
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| narender |
16 August 2010 8:35 am |
| ये समज नहीं आ रहा आप ज्यादा सुंदर हे या आपकी कविताये आपकी आवाज बहुत मधुर हे .आपको सुनके बहुत सकूँ मिला .जो दिल को सकूँ दे वो ही असली कलाकार हे शुक्रिया कविता जी
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| Ziaul Haq, Correspondent |
16 August 2010 8:34 am |
| आप क्या हो कौन हो ये तो मई नहीं जानता लेकिन इतना जानता हु की:- जितनी तारीफ करू कम है मानता हु, जितनी तारीफ़ करू कम है मानता हु, आपकी आवाज़ में दम है मानता हु. शुक्रिया आपका जिया |
| narender |
16 August 2010 8:23 am |
| सिर्फ ये ही कहुगा आप जो गाती हा दिल से गाती हे
और दिल से किया हर काम हमेसा खुबसूरत ही होता है
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| Ajeet thakur |
16 August 2010 7:57 am |
| बहुत खुबसूरत, आँखे बंद कर अगर आपकी आवाज सुनी जाये तो पता चलता है कि सुकून क्या होता है. |
| Bikash |
16 August 2010 7:47 am |
| आपने हमारा दिल लेलिये , क्या बात है , ढेर सारी शुभकामना |
| C. P. Sharma |
16 August 2010 7:43 am |
| किस किस की तारीफ़ करूँ, कविता किरण की, कविता की ये आवाज़ की. सभी एक से एक बढ़ कर हैं. |
| jayesh patel |
16 August 2010 7:40 am |
| सुन के दिल को ऐसा लगा जैसे जन्नत में बेठा हु |
| kavita'kiran' |
16 August 2010 6:28 am |
| आप सब की हौसला-अफजाही का बहुत बहुत शुक्रिया.दुआ करें मेरी कहन और मेरी आवाज़ दोनों में खुदा वो असर पैदा करे जो मैं आप सभी चाहनेवालों के दिलों में अपनी जगह,अपना मुकाम बरकरार रख सकूँ.शुक्रिया. |
| Ankur Mishra |
25 June 2010 7:38 am |
| बहुत ही अच्छी कविता है आपकी.
मैंने आज तक केवल अटल जी की कविताये नेट पर सुनी थी ....मुझे कविताओ में कम रूचि है पर आपकी कविताये बहुत ही अच्छी लगी... |
| daksh |
12 April 2010 6:53 am |
| इट्स राली nice |
| Innusingh Tripathy |
11 April 2010 6:46 am |
| बहोत खूब!! बहोत होसला अफजाई करनेवाली आपकी नज़्म है. अज इस भाग्दी हुई ज़िन्गागी में सब अकेले सब तनहा और जेहनी दबाव से ग्रसित वह आपकी ये नज़म दावा का काम करती है. हमारी दुआ आप युही कविताओ और नज्मो के साथ युही किरण बनकर चमत्की रहे और और अपनी रोशनी बिखेरती रहे. खुदा आपका रहनुमा बने इस दुआ के साथ खुदा हाफिज़!!! |
| ASHOK SEEMA |
7 April 2010 8:20 am |
| बहुत अच्छी कविता और गजल है आपकी आवाज भी काबिले तारीफ है. आगे भी भेजते रहिये |
| sunil kumar |
6 April 2010 9:36 pm |
| बहुत अच्छा dear ,आपकी आवाज़ बहुत प्यारी है सच में मजा आ गया .....आपने हमको अपना देवाना बना लिया है.................हमेसा हमें ऐसे हे सुनती रहना ओके....... |
| gita dev |
6 April 2010 2:54 am |
| कविताजी, आपकी awaz सुनी. kavitayain और ग़ज़ल तो आप कमाल की कहती ही हैं.........आवाज़ और अंदाज़ तो बस, सोने पे सुहागा वाली कहावत की याद दिलाता है. |
| amit |
6 April 2010 1:44 am |
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Har khomoshi mein ek baat hoti hai,
Har dil mein ek yaad hoti hai,
Aapko pata ho ya na ho par aapki khushi k liye roz fariyad hoti hai.
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| Shishir Pandit |
4 April 2010 6:58 am |
| कविता जी आपके खूबसूरती एवं खुबसूरत कविताओ का तो कायल था पर आज रेडियो सब रंग पर आपकी आवाज सुनकर आपकी आवाज का दीवाना हो गया लगता हेई ऐसे ही आपकी मधुर आवाज में कविताये सुनता रहू - आपका दीवाना शिशिर |
| Shishir Pandit |
4 April 2010 6:51 am |
| कविता जी जैसी आपने सूरत पायी है वैसे ही आपकी आवाज भी है आपकी मधुर आवाज सुनकर मन को काफी सकून मिला इसके लिए आपको धन्यवाद् |
| kavita |
4 April 2010 6:38 am |
| sure |
| Anil |
3 April 2010 8:21 am |
| i वांट more |
| Anil |
3 April 2010 7:44 am |
| अंदाज़ क साथ साथ बहुत खुबसुरत आवाज़ पाई.बहुत khub |
| ritu |
31 March 2010 6:31 am |
| gudd |
| ritu |
31 March 2010 6:31 am |
| gudd |
| sirha |
29 March 2010 12:25 pm |
| इक मुस्कराहट ही गजल की तर्जुमानी कर सकती है. |
| Dr.Firoz khan |
28 March 2010 6:08 am |
| वैरी nice |
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| Shahid Kabir |
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| chaand |
2 March 2010 6:04 am |
| लाजवाब |
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| Madan Mohan (Arvind) |
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| Dr.Dinesh Pathak Shashi |
12 September 2010 3:59 am |
| श्री मदन मोहन अरविन्द जी की कविता, गीत और गजल सुनी . बहुत अच्छी व् स्तरीय रचनाएँ है मेरी और से बधाई पंहुचा दे . |
| Krishan Kant Sharma |
5 January 2010 9:11 am |
| अति सुन्दर |
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| Afroz |
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| RAJNISH PARIHAR |
2 June 2010 8:44 am |
| कमाल की शायरी है आपकी...बहुत पसंद आई !!! |
| Dr.Firoz khan |
28 March 2010 6:09 am |
| veary nice |
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| Sarojini Nautiyal |
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| Yoginder Moudgil |
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| dr.Mridula Sharma |
4 January 2010 6:27 pm |
| आपकी रचनाये बहुत अच्छी हैंडॉ. मृदुला शर्मा प्रिंसिपल त्रिशाला देवी कनोहर लाल बालिका विधालय मेरठ उत्तर प्रदेश (इंडिया) |
| dr.Mridula Sharma |
4 January 2010 6:21 pm |
| आपकी कविताये बहुत प्रेरणास्पद हैं.आपको बहुत बहुत साधुवाद .आपकी रचनाओं को अपने vidhylaya |
| gagan jain |
25 October 2009 9:43 am |
| हमें तो आपकी आवाज नसीब नहीं हो रही मोदगिल जी. |
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| Munnavar Rana |
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| mohammed aalam |
19 August 2010 3:58 am |
| माँ के बारे सुनकर रो diya |
| sirha |
29 March 2010 12:40 pm |
| मै इन नज्मो को सूत्र ही कहुगा जो हर सक्ष को जहाँ मे kuraid laine chahiye. |
| gagan jain |
27 October 2009 9:40 am |
| मुन्नवर साहिब मेरा सोभाग्य है की मैंने आपको सबरंग रेडियो के माध्यम से सुनने का मोका मिला बहुत ही बढ़िया अंदाज है आपका . क्या माँ की महिमा का बखान किया है . बहुत ही बढ़िया जन्नाब कभी मौका मिला तो आपको पानीपत की धरती सलाम करेंगे . |
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| Rakesh Khandelwal |
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| Rajeev Bharol |
29 January 2011 10:13 am |
| राकेश जी को गीतों का राजकुमार यूँ ही नहीं कहा जाता. गीत तो उनकी कलम से बहते हैं.... शब्दों का प्रयोग ऐसे किया होता है जैसे मोती पिरोये हुए हों. अद्भुत. |
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| Janab Munavar Sarhadi |
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| Prem Chand Sahajwal |
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| sureshyadav |
13 December 2009 7:23 am |
| bahut achchha laga .aap ko badhai 09818032913 |
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| Qaisar Aziz |
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| Amar Jyoti Nadeem |
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| Amitabh Tripathi |
25 February 2010 10:19 am |
| बहुत अच्छे कलाम! |
| shyam |
22 December 2009 1:31 am |
| bahut acchi gajalein |
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| Jagdish Rawtani "Anandam" |
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| Khush Deep Rai |
23 July 2010 5:23 am |
| इ कांग्रतुलाले श रव्टती फॉर हिस कोन्त्रिबुतिओन तो लितेरतुरे & Music |
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| Bashir Badar |
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| Asif Nadeem |
14 February 2011 1:39 pm |
| अप जैसी पोइट सदियों में कोई कोई पैदा होता ही |
| asif |
24 July 2010 6:52 am |
| गोल्डन मन बशीर badar |
| Dr.Firoz khan |
28 March 2010 6:10 am |
| आपकी रचनाये बहुत अच्छी हैं |
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| Dr Vishnu Saxena |
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| SUMIT PRATAP SINGH |
9 April 2010 9:50 pm |
| बहुत बढ़िया मजा आ गया... |
| M.Zaheeruddin |
17 October 2009 11:18 pm |
| 'Dil ki kori kitab..' ko aapne mukammal likha hai?
Aapke padhne ka andaaz bahut achcha hai. Mubarakbad. |
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| Sohan Rahi |
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| Kushum Sinha |
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| Dwijendra Dwij |
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| Rajeev Bharol |
29 January 2011 10:09 am |
| द्विज जी की ग़ज़लें, उन्हीं की आवाज़ में सुन कर बहुत अच्छा लगा. जैसे सोने पे सुहागा.. |
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| Dr. Mahendra Bhatnagar |
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| Mehak Bharti |
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| Dr.Firoz khan |
28 March 2010 6:11 am |
| बहुत अच्छे कलाम! |
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| Dr. Kavita Vachaknavee |
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| pravina |
24 August 2010 9:08 pm |
| माँ बूढी हेपसंद आया बहुत आचे |
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| Dr. Surjit Patar |
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| umesh |
1 September 2010 10:11 am |
| जितना सुनता हूं, सुनने की भूख बढ़ती ही जा रही है । बार - बार.. |
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| Anant Kaur |
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| Sonal Jani |
17 February 2011 9:29 am |
| अनंत..क्या कहूँ? सिर्फ वाह..वाह ..तुम्हारा जवाब नहीं - सोनल |
| simran |
23 November 2010 2:47 pm |
| आप की आवाज़ में बहुत कशिश है. लफ़्ज़ों का दर्द आपकी आवाज़ में ढल कर दिल को छू जाता है. खुदा करे कर्म और जयादा. |
| M.Zaheeruddin |
17 October 2009 10:47 pm |
| Aap ke padhne ka andaaz bahut achcha hai khusisi taur par jis nazm/geet mein 'sadness' ho. Mera sawaal yeh hai ke kya aap ghazlen bhi kahti hain? |
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| Devi Nangrani |
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| Gopal Das Neeraj |
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| Dr. Kunwar Bechain |
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| Prageet Kunwar |
6 May 2011 8:45 pm |
| बहुत ही सुंदर, लोड करने का शुक्रिया.. |
| Sulabh Satrangi |
4 November 2009 10:56 pm |
| बेहतरीन और बेहतरीन. |
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| Khushbir Singh Shaad |
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| Ajanta Sharma |
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| azad |
1 January 2010 5:47 pm |
| naya saal mubark ho |
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| Parul Chaand Pukhraj |
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| parul |
27 November 2010 9:00 am |
| बहुत शुक्रिया |
| Dr.Firoz khan |
28 March 2010 6:13 am |
| बहुत अच्छे कलाम! |
| Dr.Firoz khan |
28 March 2010 6:13 am |
| बहुत अच्छे कलाम! |
| azad |
1 January 2010 5:50 pm |
| na tum aye
wonderfull reciting |
| M.Zaheeruddin |
17 October 2009 10:55 pm |
| Kya aapne musiqee ke saath bhi kuch kalaam gaya hai? |
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| Lata Haya |
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| misbahuddin |
30 August 2010 11:36 am |
| आदाब
आप का कलम वाह क्या बात है मैं एक उर्दू जुबां से बहुत खरीब हूँ हैदराबाद मैं तमाम मुशैरे आत रहा हूँ आप से मिलने की तो आरजू ही रह गयी अभी मैं ने नेट पैर डेली आप का कलाम सुनता रहता हूँ आप के कलम की कितनी भी तारीफ की जाये कम है आप को अल्लाह इतनी उनर दे के हमेशा इतना नफीस कलम सुनते रहे आप का बेबाक कलाम खासकर सद्दाम के बारेमें आप ने साडी दुनिया को बतादिया की सुच का सामना करने से कोई नहीं रोक सकता और उर्दू की नज़म तो हर दिन एक बार मेरे लैपटॉप में सेव है जिसको देखता रहता हूँ. अभी तो मैं सौदी अरब मदीनाह मुनव्वर मैं हूँ जब भी आप हैदराबाद आएंगे मेरे इ-मेल पैर बताएँ मैं अबकी बार ज़र्रोर मिलूँगा.
मिस्बाह
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| shyam sunder joshi |
17 August 2010 1:45 am |
| आप की ग़ज़ल्स बहूत पसंद आइ हे |
| saleem |
19 July 2010 11:30 am |
| सेंड में अल ग़ज़ल्स cassets |
| MOHAMMED MOMIN ALI |
16 June 2010 10:06 am |
| मेरी हर दुवा आप के नाम अल्लाह आप के उम्र दरास्त अमीन |
| r m iqbal |
5 November 2009 2:27 am |
| alla tum ko aur tharqi atta farmai bas ahi duva hai mairi |
| लावण्या |
26 October 2009 9:29 am |
| बेहद नाज़ुक अहसास और दिल से निकली बातें पाक साफ़ बेहद सुर में गाई गज़लें बहुत पसंद आयीं
- लावण्या |
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| Amitabh “MEET” |
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| Bharat Bhushan Pant |
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| Shiv Dutt “Aks” |
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| M.Zaheeruddin |
17 October 2009 11:10 pm |
| Aap ki awaaz aur padhne ka andaaz bahut khoob hai. Mubarakbad. |
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| Hasti Mal Hasti |
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| Gajender Solanki |
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| Laxmi Shanker Bajpai |
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| Amar |
16 March 2011 1:24 am |
| बज्पैजी आप ने मुझे पहचाना ? हमलोग एक साथ जे २८, लक्ष्मीनगर, डेल्ही में रहते थे. प्लेअसे मुझे मेल पे जवाब दे. |
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| Madan Mohan |
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| Anjana Sandhir |
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| Dr. Kirti Kale |
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| Premendra Ojha |
16 August 2010 11:57 pm |
| शायद ऐसा हे होता है पहले पहले प्यार में, बहुत कूब |
| surendra |
18 February 2010 9:00 am |
| exlent |
| Sarita khanna |
16 November 2009 3:51 am |
| Your poems are as beautiful as you are and may god bless you for more good creations in the world of Hindi poetry. |
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| Muhammad Nadeem Bhabha |
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| Devi Nangrani |
6 November 2010 12:53 pm |
| बहुत ही मार्मिक रचनायें जो अपनी रु में बहा ले जाने में सक्षम है. दाद ho |
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| Rajesh Reddy |
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| ramdas akela |
6 January 2010 4:33 am |
| cogratulations dear reddy very nice poem geeta hun quran hun main
mujko parh insan hunmain wah |
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| Shipra Verma |
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| Atul Ajanabi |
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| Rashmi Saba |
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| renu sharma |
13 October 2010 8:42 am |
| शुक्रिया आपको सुनने की हसरत पूरी हुई.. |
| dipak |
22 August 2010 9:33 pm |
| कोई खफा नहीं आपse |
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| Om Prakesh Yati |
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| Mamta Kiran |
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| Dr. B.N.Misra |
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| gautam |
24 November 2009 4:02 am |
| bad nik lagl. shrv pratham suneke milal h ahake e kavita. |
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| Abhinav Shukla |
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| Rahat Indori |
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| Dilip Kumar |
| Introduction By |
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| Dr. Sudha Om Dhingra |
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| Veena Vij 'Udit' |
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| Tejinder Sharma |
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| Dev Mani Pandey |
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